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  Index-Store Department Guide - Indian Railway (Hindi)  Index - Store Department Guide - Indian Railway (English)

भण्डार डिपो की संरचना (Layout of Stores Depot)

3. भण्डार डिपो की संरचना (Layout of Stores Depot)

डिपो का अर्थ वह स्थान है जहाँ पर विभिन्न स्त्रोतों से प्राप्त भण्डार एकत्रित कर भण्डारित किया जावे एवं उपभोक्ता विभागों को वितरित किया जा सके।

एक आदर्श डिपो की संरचना इसी दृष्टिकोण से की जाती है कि, जिस विभाग विशेष की भण्डारों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए विकसित किया गया है उसको अधिकतम सीमा तक वह भण्डार की निर्बाध आपूर्ति कर सके। सामानों को डिपो में लाने औऔर ले जाने की सुविधाएँ, भण्डार की लोडिंग-अनलोडिंग, माप-तौल और निरीक्षण की सुविधाएँ, सामानों के भण्डारण और निर्गम की सुविधाएँ पर्याप्त होनी चाहिए जिससे डिपो के कार्यों में कोई बाधा उत्पन्न न हो। सुरक्षा एवं संरक्षा के दृष्टिकोण से भी व्यवस्था पर्याप्त होनी चाहिए।

भण्डार विभाग का महत्व, कार्य एवं उद्देश्य


2. भण्डार विभाग का महत्त्व, कार्य एवं उद्देश्य
 (Importance, Functions and Objectives of Stores Department)

भारत एक विकासशील देश है और देश की अर्थव्यवस्था को सुधारने के लिए एक सुव्यवस्थित परिवहन प्रणाली की आवश्यकता होती है। इस संदर्भ में भारतीय रेलवे एक बड़ी भूमिका निभाती है। सही अर्थों में. भारतीय रेलवे देश की जीवन रेखा है। भारतीय रेल के पहिए को चलाने अथवा गतिमान रखने के लिए रेलवे के अनेक विभाग रात-दिन कार्य करते हैं. जिनमें से एक भण्डार विभाग महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है। विभिन्न विभागों को विभिन्न प्रकार के भण्डारों और सामानों की आवश्यकता पड़ती है। यदि प्रत्येक विभाग को अपनी उपयोगी वस्तुओं की खरीद की जिम्मेदारी सौंप दी जाए तो वे अपने कार्य को शायद ही कुशलतापूर्वक कर पाऐंगे। खरीद कार्य की जटिल प्रक्रिया को सम्पन्न कर पाना प्रत्येक विभाग के लिए आसान कार्य नहीं है।

INVENTORY MANAGEMENT

13.1.0 Definition Of Inventory :

The Dictionary meaning of Inventory is 'a list of goods'. In a wider sense, inventory can be defined as an idle resource which has an economic value. It is however, commonly used to indicate various items of stores kept in stock in order to meet future demands.

भण्डार डिपो का संगठन एवं कार्य (Organization & Functions of Stores Depot)


19. भण्डार डिपो का संगठन एवं कार्य
(Organization & Functions of Stores Depot)

विभिन्न प्रकार की सामग्रियों को संचित रखने एवं उपभोक्ताओं को निर्गत करने के लिए लाइन के उपयुक्त केन्द्रों पर भण्डार नियंत्रक के अधीनस्थ डिपो अधिकारियों के नियंत्रण में विभिन्न प्रकार के डिपो स्थापित किये जाते हैं, जिन्हें भण्डार डिपो कहा जाता है। एक डिपो में डिपो अधिकारी की सहायता के लिए आवश्यकतानुसार सहायक डिपो अधिकारी, डिपो सामग्री अधीक्षक, लिपिकीय स्टाफ एवं लेबर स्टाफ आदि होते हैं।

कार्य की सुविधानुसार भण्डार डिपो कई प्रकार के हो सकते हैं, जैसे डीजल भण्डार डिपो, कैरिज एवं वैगन भण्डार डिपो, विद्युत भण्डार डिपो, सिगनल भण्डार डिपो, स्थाई पथ सामग्री डिपो, लेखन सामग्री डिपो, स्क्रेप भण्डार डिपो, सामान्य डिपो आदि।

डिपो अधिकारी (Depot Officer):

प्रत्येक डिपो, चाहे उसका जो भी महत्त्व हो, भण्डार विभाग के किसी ऐसे राजपत्रित अधिकारी के अधीन होता है, जो सीधे भण्डार नियंत्रक का अधीनस्थ अधिकारी होता है। ऐसे अधिकारी को डिपो अधिकारी कहा जाता है। वह भण्डारों के 'स्टॉक का कुशल अनुरक्षण करने, अपने डिपो द्वारा सेवित क्षेत्र (Served Territory) की तत्काल सेवा करने, स्टॉक में रखे गए भण्डारों का अभिरक्षण (Custody) करने, इस तरह के स्टॉक' का किसी भी समय बहीखातों (Ledgers) में दिखाये गये शेषों के साथ सही मिलान करने, सभी मुख्य दस्तावेजों, बहीखाता, बिन कार्ड और रजिस्टर सही ढंग से तैयार करने और उनमें इन्द्राज करने, सम्बन्ि ात वाउचरों और दस्तावेजों को निर्धारित तिथियों को लेखा अधिकारी को देने और अधिशेषों (Surplus) तथा रद्दी (Scrap) भण्डारों का निपटारा करने के लिए भण्डार नियंत्रक के प्रति उत्तरदायी है।

भण्डार डिपो के प्रमुख अनुभाग/ वार्ड :

सामानों के 'स्टॉक' से सम्बन्धित डिपो का लिपिक वर्गीय (Clerical) कार्य केन्द्रीय बहीखाता अनुभाग में निष्पादित किया जाता है, जहाँ डिपो के सभी तरह के डिपो कार्ड अद्यतन (Up-to-date) रखे जाते हैं। इस अनुभाग को उप अनुभागों में विभाजित किया जाता है और प्रत्येक उप-अनुभाग उन्हीं वर्गों के स्टॉक' का संख्यागत लेखा रखने और प्रतिपूर्ति (Recoupment) करने का कार्य करता है, जिनके सम्बन्ध में उससे संलग्न वार्डों में कार्य निष्पादन किया जाता है। एक अलग उप-अनुभाग द्वारा डिपो को मांगकर्ताओं द्वारा भेजे गए अधियाचनों (Requisitions) की प्राप्ति और पंजीकरण का कार्य किया जाता है।

2. प्राप्ति अनुभाग (Receipt Section):

यह अनुभाग, डिपो में आने वाले भण्डारों और सामानों की प्राप्ति और उनसे सम्बन्धित दस्तावेजों के निष्पादन का कार्य करता है। यह अनुभाग, डिपो के वार्डों और अन्य अनुभागों से अलग होना चाहिए। यह अनुभाग एक डिपो सामग्री अधीक्षक/पर्यवेक्षक के अधीन कार्य करता है।

3. प्रेषण अनुभाग (Despatch Section):

यह अनुभाग, डिपो के बाहर जाने वाले भण्डारों और सामानों का निष्पादन करता है, और स्वतंत्र इकाई के रूप में अलग होना चाहिए। इस अनुभाग द्वारा सामान वाली रेलगाड़ियों और भण्डार यानों (Stores Vans) का नियंत्रण किया जाता है।

4. स्टॉकिंग वार्ड (Stocking Wards):

स्टॉकिंग वार्डों द्वारा डिपो के प्राप्ति अनुभाग और कारखानों से प्राप्त भण्डारों और सामानों का रख-रखाव और निर्गत (Issues) करने का कार्य निष्पादित किया जाता है।

5. रही अनुभाग (Scrap Section):

इस अनुभाग द्वारा लाइनों और कारखानों या अन्य किसी प्रकार से प्राप्त रद्दी, भण्डारों और सामानों की बिक्री करने का कार्य निष्पादित किया जाता है।

भण्डार डिपो के कार्य (Functions of Stores Depot):

सामान्यतया भण्डार डिपो के निम्नलिखित कार्य होते हैं -

1. भण्डारों की प्राप्ति और निरीक्षण
2. सामानों का भण्डारण और निर्गम
3. सामानों का प्रेषण
4. संख्यागत बहीखातों/बिन कार्डों का रख-रखाव
5. भण्डारों की प्रतिपूर्ति (Recoupment)
6. अधिशेष (Surplus) भण्डारों और रद्दी सामानों का निपटारा

डिपो सामग्री अधीक्षक के कार्य (Duties of Depot Material Superintendent):

डिपो सामग्री अधीक्षक को जिस अनुभाग का प्रभारी (In-charge) बनाया गया है, उसके सम्बन्ध में वह निम्नलिखित निर्दिष्ट कार्यों में से अपने उत्तरदायित्व के कार्य निष्पादित करेगा -

1. वार्ड द्वारा विभागों के साथ किये जाने वाले सभी पत्र-व्यवहार डिपो के प्रभारी डिपो सामग्री अधीक्षक के माध्यम से किये जायेंगे, जो आवश्यक होने पर, उन्हें डिपो अधिकारी के पास प्रस्तुत करेगा।

2. वह स्टॉक की सत्यापन रपटों (Verification Reports) के विषय में पूरा पत्र व्यवहार सम्बन्धी कार्य करेगा।

3. वह प्रतिपूर्तियों, उपभोग की मात्राओं और स्टॉक कार्ड में दर्शायी गई अधिकतम और न्यूनतम मात्राओं की जाँच करेगा।

4. वह आपूर्तियों में हुई सामानों की कमियों और विलम्बों के सम्बन्ध में प्राप्त शिकायतों पर ध्यान रखेगा और सभी गम्भीर शिकायतों पर डिपो अधिकारी को ध्यान दिलायेगा।

5. वह आपूर्तियों में हुई सामानों की कमियों और विलम्बों के सम्बन्ध में प्राप्त शिकायतों पर ध्यान रखेगा और सभी गम्भीर शिकायतों पर डिपो अधिकारी को ध्यान दिलायेगा।
वह स्टॉक सत्यापन से सम्बन्धित कार्य निष्पादित करवायेगा।

6. वह वार्डों द्वारा प्रदर्शित स्टॉक' और उपभोग की मात्राओं की जाँच पड़ताल करेगा।

7. वह माल के बण्डलों को खुलवाकर उनकी आकस्मिक जाँच करेगा और निर्गम पर्चियों (Issue Notes) से उनमें रखी वस्तुओं का मिलान करेगा तथा इस प्रकार जाँची गई निर्गम पर्चियों की रिकार्ड प्रति पर अपने हस्ताक्षर करेगा।

8. वह प्रेषण अनुभाग में सामान के ठीक से दिये जाने और सामान के ठीक से पैक किये जाने पर निगरानी रखेगा।

9.वह वार्डों के कार्यों का सामान्य रूप से पर्यवेक्षण (निगरानी) करेगा और वार्डों द्वारा सामानों के स्टॉक में रखने तथा उनके रख-रखाव पर निगरानी रखेगा।

10. अधियाचनों (Requisitions) के पंजीकरण और वार्डों में उनके वितरित किये जाने का कार्य वह सीधे अपने नियंत्रण में रखेगा।

11. वह लिपिकवर्गीय कर्मचारियों के स्थान पर नियुक्त एवजी कर्मचारियों को कार्य सौंपेगा।

12. वह 'यार्ड' में शंटिंग' का कार्य ठीक से निष्पादित कराने और माल डिब्बों को उपयुक्त स्थान पर यथासमय से लगाये जाने पर ध्यान रखेगा।

13. वह 'यार्ड में आने और बाहर जाने वाले माल के डिब्बों की पंजिका (Wagon Register S-1215) रखेगा और प्रत्येक लदे (Loaded) हुए माल डिब्बे की यह देखने के लिए जाँच करेगा कि उसमें सामान ठीक से लादे गए हैं।

14. वह माल डिब्बा पंजिकाओं से माल डिब्बे हटाये जाने के लिए निर्धारित प्राधिकार की स्वयं जाँच करेगा और परिवहन विभाग द्वारा यार्ड में भेजे गये और वहाँ से प्राप्त माल डिब्बों के सम्बन्ध में प्रेषित साप्ताहिक विवरण (Weekly Statement) की जाँच करेगा। कोई कमी मिलने पर वह इसकी रिपोर्ट तत्काल डिपो अधिकारी को जाँच पड़ताल करने के लिए भेजेगा।

15. वह रात्रि में अकस्मात् भण्डार डिपो/ यार्ड का निरीक्षण करेगा।

16. वह डिपो में सभी अचल भण्डारों (Dead Stock) जैसे संयंत्र (Plants), मशीन, फर्नीचर, औजारों, उपकरणों इत्यादि की तालिका पुस्तिका (Inventory Book) रखेगा।

17. वह डिपो के लिए आवश्यक उपभोग्य भण्डारों (Consumable Stores) और औजारों तथा संयंत्र के लिए मांग-पत्र (Indents) तैयार करेगा और उन्हें डिपो अधिकारी के हस्ताक्षर के लिए प्रस्तुत करेगा।

18. वह भण्डार यार्ड और वार्ड में रखी तुला पुलियों (Weigh-bridges) तथा तौल मशीनों की प्रत्येक महीने के पहले सप्ताह में जाँच करने का प्रबन्ध करेगा। वह इस कार्य के लिए विशेष रूप से रखी जाने वाली हस्तलिखित पंजिका (S-1209) में जाँच के परिणाम अंकित करेगा और जब कभी जाँच के परिणामस्वरूप कोई अन्तर मिलता है तो उसे डिपो अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करेगा। इस पंजिका में निम्न विवरण दिये जाने चाहिये

(i) तौल मशीनों की संख्या
(ii) मशीनों का स्थापना-स्थल
(iii) पिछली जाँच की तारीख
(iv) जाँच की तारीख
(v) जाँच का परिणाम
(vi) सम्पन्न की गई कार्यवाही
(vii) डिपो के डिपो सामग्री अधीक्षक के हस्ताक्षर
(viii) डिपो अधिकारी के हस्ताक्षर

यह जाँच अन्य प्राधिकारियों द्वारा की जाने वाली आवधिक जाँचों के अतिरिक्त की जायेगी।

जहाँ निचले वेतनमान का कोई डिपो सामग्री अधीक्षक नहीं हैं, डिपो का प्रभारी डिपो सामग्री अधीक्षक अपने कार्यों के अतिरिक्त निम्नलिखित कार्यों का भी दायित्व सम्भालेगा

(i) श्रमिकों का उपस्थिति रजिस्टर रखना।
(ii) श्रमिक वर्ग के कर्मचारियों और चौकीदारों के भुगतान पर साक्ष्य अंकित करना।
(iii) यार्ड को स्वच्छ और व्यवस्थित रखने की निगरानी करना और सड़कों, साइडिंग, भवनों इत्यादि की आवश्यकता पड़ने पर सफाई कराने के लिए रिपोर्ट भेजना।
(iv) अग्नि शमन व्यवस्था के समुचित रख-रखाव के प्रबन्धों पर ध्यान रखना और आवश्यकतानुसार अग्निशमन के अभ्यास का प्रबन्ध करना।
(v) सामान की मरम्मतों के लिए रेल कारखानों को या बाहर भेजने के लिए अधियाचन (Requisitions) तैयार करना।

उक्त कार्यों के अतिरिक्त समय-समय पर डिपो अधिकारी द्वारा सौंपे जाने वाले दायित्वों का निष्पादित सुनिश्चित करना।

स्थानीय खरीद (Local Purchases)

स्थानीय खरीद (Local Purchases)

भण्डार नियंत्रक स्टॉक' और गैर-स्टॉक दोनों प्रकार के कम मूल्य के सामानों की, जब उनकी कीमत प्रत्येक मामले में एक लाख रुपए तक हो, स्थानीय खरीद कर सकते हैं, बशर्ते स्टॉक मदों के मामले में खरीद तभी की जाती है-

(i) जबकि सामान्य वार्षिक प्रतिपूर्ति की मात्रा (Annual Recoupment Quantity) का मूल्य एक लाख रुपये से अधिक नहीं होता,

(ii) सम्बन्धित आइटम का स्टॉक बहुत निम्न सोचनीय स्तर तक पहुँच गया है, और सामान की तुरन्त आवश्यकता है।

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